गलत इंजेक्शन लगाने से 9 माह की बच्ची की मौत, बिल नहीं भरा तो शव नहीं दिया

PMB | लखनऊ के एक प्राइवेट अस्पताल में 9 माह की बच्ची की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही बरतने और फर्जी बिल बनाकर शव नहीं देने का आरोप लगाकर जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर उन्हें शांत कराया। इसके बाद बिना बिल का भुगतान कराए अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची का शव परिजनों को सौंप दिया। मामला गोमती नगर स्थित वात्सल्य अस्पताल का है। आज, 9 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे बारांबकी के मसौली निवासी लाल बाबू की बच्ची अस्पताल में भर्ती हुई थी। सुबह करीब 11 बजे उसकी मौत हो गई।
तेज बुखार के चलते बच्ची को कराया था एडमिट

बाराबंकी के मसौली थाना निवासी लाल बाबू की 9 महीने की बेटी आस्था की 8 जुलाई की रात अचानक तबीयत बिगड़ गई। आनन-फानन में परिजन बच्ची को लेकर लखनऊ पहुंचे। 9 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे गोमतीनगर के वात्सल्य अस्पताल में भर्ती कराया। बच्ची के चाचा प्रवीण गुप्ता ने बताया कि गुरुवार सुबह करीब पांच बजे आस्था को तेज बुखार की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने उसे ICU में भर्ती कर इलाज शुरू किया।

अनट्रेन्ड स्टाफ से हो रहा था इलाज

परिजनों का आरोप है कि आईसीयू में तैनात स्टाफ ने बच्ची की हालत पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। इलाज में लापरवाही बरती गई। इस बीच महज एक डॉ. बीपी सिंह ही एक बार बच्ची को देखने आए। उसके बाद बच्ची की तबीयत बिगड़ती गई, लेकिन दोबारा कोई डॉक्टर देखने नहीं आया। ICU में तैनात अन्य स्टाफ इंजेक्शन का नाम तक पढ़ नहीं पा रहा था। पुलिस ने मामला शांत कराया प्रवीण का कहना है कि इसी लापरवाही के कारण बच्ची की मौत हो गई। इसके बाद अस्पताल प्रशासन ने करीब 15 हजार रुपए बकाया बिल बताकर शव देने से इंकार कर दिया। इसका विरोध किया गया। इस बीच मौके पर पुलिस आ गई। पुलिस ने मामला शांत कराया। इसके बाद परिजन शव को मसौली लेकर चले गए।

लखनऊ के मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय में निजी हॉस्पिटलों के नोडल और एसीएमओ डॉ.एपी सिंह ने बताया कि इस प्रकरण में कोई शिकायत नहीं मिली है। यदि कोई शिकायत सामने आती है तो जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।

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