पीएमबी लखनऊ। राजधानी लखनऊ के नगर निगम जोन 5 के जोनल अधिकारी विनीत कुमार सिंह, ZSO सचिन सक्सेना, RI पीयूष तिवारी एवं अतिक्रमण दस्ते के राजेंद्र गुप्ता सहित 10-12 अज्ञात अधिकारियों/कर्मचारियों के विरुद्ध न्यायालय ने परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया है। पीड़ित ने बताया कि मेरे दादाजी पटरी दुकानदार के रूप में आलमबाग टेढ़ी पुलिया पर फुटपाथ पर दुकान लगते है। जिनका नगर निगम से पटरी दुकानदार के रूप में रजिस्ट्रेशन एवं अलॉटमेंट लेटर जारी है। परंतु आश्वस्त होने के कारण दुकान को मेरी चाची चलती है। परंतु घटना वाले दिन वह शहर से बाहर अपने गांव में थी। इस कारण घटनास्थल पर मैं मौजूद था। 08 अप्रैल 2026 को जोन 5 के ZSO के कर्मचारी दुकान लगाने के लिए खर्चा मांगने आए। मना करने पर कहा कि जोनल अधिकारी साहब का आदेश है, अगर यहां दुकान लगानी है तो खर्चा देना पड़ेगा नहीं तो दुकान तोड़ देंगे। मैंने खर्च देने से मना कर दिया। तो 16 अप्रैल 2026 को राजेंद्र गुप्ता अपने 10 से 12 को लेकर दुकान पर आए और दुकान हटाने को कहने लगे, मैंने दुकान हटाने से मना किया, तो राजेंद्र गुप्ता गाली गलौज करने लगे दुकान में रखी लेमिनेशन मशीन और हमारी दुकान के बगल में हमारे मित्र सहदेव की दुकान का गल्ला उठा कर अपनी गाड़ी में डाल लिया JCB से दुकान को तोड़ने लगे । अपने रजिस्ट्रेशन के सभी कागज लेकर जोन 5 के जोनल अधिकारी विनीत कुमार सिंह से मिलने गया। जोनल अधिकारी ने मेरी कोई बात नहीं सुनी गाली गलौज एवं अभद्रता करते हुए जोन से बाहर भगा दिया। साथ ही कहा कि दुकान वही लगेगी जिन्हें हम चाहेंगे। जाते-जाते राजेंद्र गुप्ता अपने साथियों के साथ धमकी देकर गए हैं कि अगर दुकान दोबारा लगाई तो इसका अंजाम बहुत बुरा होगा। नगर निगम द्वारा उपरोक्त स्थान पर 2014 में हम लोगों को पटरी दुकानदार के रूप में चिन्हित किया गया था और 2016 में रसीद काटी गई। साथ में प्रधानमंत्री सम्मान निधि योजना के तहत एक वेंडिंग प्रमाण पत्र भी दिया गया। नगर निगम द्वारा पथ विक्रेता परिचय पत्र, वेंडिंग प्रमाण पत्र, LOR प्रमाण पत्र दिया गया। 16 अप्रैल 2026 को बिना नोटिस दिए हम लोगों को हटाने लगे। जबकि लखनऊ हाई कोर्ट का एक आदेश भी है कि इस तरह के चिन्हित पटरी दुकानदारों को तब तक नहीं हटाया जाए जब तक इनको एक वेंडिंग जोन में जगह ना मिल जाए। कुछ घटनाओं की साक्ष्य के रूप में फोन कॉल रिकॉर्डिंग प्रार्थी के पास उपलब्ध है। इसके अलावा नगर निगम जोन 5 से सिविल मुकदमा भी 2023 से चल रहा है। पूरे मामले की शिकायत जिलाधिकारी लखनऊ, महापौर लखनऊ, नगर आयुक्त लखनऊ एवं पुलिस आयुक्त लखनऊ से की परंतु कोई कार्रवाई नहीं हुई। जिसके बाद 22 अप्रैल 2026 को न्यायालय में नगर निगम जोन 5 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ एक आपराधिक मुकदमा दायर किया। जिसमे न्यायालय द्वारा जोन 5 के जोनल अधिकारी सहित अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ परिवाद दर्ज करने का आदेश दिया गया।
पीड़ित ने कहा कि मुझे संदेह है कि इन सभी लोगों द्वारा मेरे एवं मेरे परिवारजनों को जान माल की हानि पहुंचाई जा सकती है। यहां तक मेरी हत्या भी करवाई जा सकती है। क्योंकि विनीत कुमार सिंह उच्च स्तर के शासकीय अधिकारी एवं दबंग किस्म के हैं। यदि भविष्य में मेरे एवं मेरे परिवारजनों के साथ कोई घटना घटित होती है तो उसके जिम्मेदार यह सभी लोग होंगे।
नगर निगम जोन 5 के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को दबंगई करना पड़ा भारी, आरोपियों के विरुद्ध न्यायालय ने दिया परिवाद दर्ज करने का आदेश
